नई टिहरी। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जौनपुर ब्लॉक के कांडा-जाख के युवाओं ने गांव को धनोल्टी ईको पार्क की तरह विकसित करने का बीड़ा उठाया है। उनकी मेहनत रंग लाई तो कांडा-जाख भी पर्यटन का बड़ा हब बन सकेगा।
मूसरी के बाटाघाट से सात किमी दूर घने जंगलों के बीच बसा कांडा जाख ट्रेकिंग करते हुए पहुंचा जा सकता है। गांव से हिमालय की ऊंची चोटियों का विहंगम दृश्य देखते ही बनता है। शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से सुकून पाने के लिए इससे बेहतर जगह मिलना आसान नहीं है। कांडा जाख के क्षेत्र पंचायत सदस्य जयपाल कैरवाण, ईको पार्क समिति के अध्यक्ष सुरेश कैरवाण, कौर सिंह, गंभीर सिंह पंवार, महावीर पंवार, रविंद्र, बिजेेंद्र और रमेश आदि ने तीन साल पहले जब कुछ देशी-विदेशी पर्यटकों को जंगल के बीच मखमली घास के मैदान में पहुंचाया, तो वह इस क्षेत्र के कायल हो गए। स्थानीय लोगों ने प्राकृतिक सौंदर्य समेटे इस गांव ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की ठानी है। उन्होंने बताया कि कांडा जाख को होम स्टे, विलेज पर्यटन, साहसिक खेल के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि यहां के प्राकृतिक नजारों से अभिभूत अमेरिका के पर्यटन प्रेमी माइकल डैन लंबे समय से आते रहते हैं। उन्होंने क्षेत्र में सुविधाएं जुटाने के लिए हर संभव सहयोग का वादा किया है।