नई टिहरी। अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत सेंट एंथोनी पब्लिक स्कूल ढुंगीधार में आयोजित गोष्ठी में छात्राओं को बालक-बालिकाओं की सुरक्षा और कानून की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहें। किसी प्रकार का खतरा भांपते ही अपने परिजनों और पुलिस को सूचना दें।
ढुंगीधार सेंट एंथोनी पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र सिंह डोटियाल ने बालिका सुरक्षा की जानकारी देते हुए कहा कि संविधान ने सभी को समानता का अधिकार दिया है। किसी के साथ ज्यादती होने और किसी प्रकार का खतरा महसूस होने पर वह घर बैठे ही मानवाधिकार आयोग को पत्र लिख सकते हैं। फोन से भी पुलिस को सूचना दी जा सकती है। आपराधिक प्रवृति के बच्चों के लिए बाल सुधार गृह बनाए गए हैं। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि बालक-बालिकाओं को किसी प्रकार का भेदभाव कानूनी अपराध है। संविधान ने बालिका संरक्षण के लिए कई अधिकार दिए हैं। बच्चे मोबाइल का अनावश्यक उपयोग करने से बचें। वरिष्ठ अधिवक्ता बीना राणा ने कहा कि गर्भ में पलने के दौरान से ही बच्चे के अधिकार शुरू हो जाते हैं। बच्चों का पालन-पोषण और पढ़ाई के लिए कानून ने दायरा तय किया है। उन्होंने कहा कि समाज में घट रहे अपराधों पर चुप्पी साधने से उनको बढ़ावा देना जैसा है। किसी भी प्रकार के अपराध के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। तभी आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लग सकता है। बेटियां पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर ऊंचाइयां हासिल करें। प्रधानाचार्य गौतम बिष्ट ने कहा कि न गलत करें न गलत करने दें। इस मौके पर अनिल सेमल्टी, दाताराम जुयाल, अव्वल नेगी, शोभित बिजल्वाण, ग्रेस सिंह, करुणा सिंह, रववीर और मीना चमियाल आदि मौजूद थे।