घनसाली (टिहरी)। विनयखाल और बूढ़ाकेदार क्षेत्र के अभिभावकों का बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का सपना शासन-प्रशासन की उदासीनता से पूरा नहीं हो पाया है। यही वजह है कि क्षेत्र के दर्जनों गांवों के युवाओं को इंटर पास कर स्नातक में प्रवेश लेने के लिए 40 किमी दूर घनसाली की दौड़ लगानी पड़ती है। बेटियां उच्च शिक्षा की इस रेस में पीछे छूट जाती हैं।
लोगों ने सराहनीय प्रयास कर 2012 में विनयखाल (ठागधार) में जनता डिग्री कॉलेज की स्थापना की थी। गांव के लोगों ने 20 नाली भूमि कॉलेज के लिए दान दी है। चंदे के रूप में पाई-पाई जमा कर लोगों ने चार कक्षा-कक्षों का निर्माण भी करवाया। तत्कालीन विधायक ने भी कक्ष निर्माण के लिए विधायक निधि से डेढ़ लाख की धनराशि उपलब्ध कराई थी।
गढ़वाल विवि से संबद्धता लेकर जनता डिग्री कॉलेज में बीए हिंदी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र और अंग्रेजी विषय की कक्षाएं संचालित की गई। 60 छात्र-छात्राओं ने भी दाखिला लिया। 2015 तक कॉलेज जैसे-तैसे चलता रहा। लेकिन सरकार से अनुदान न मिलने पर 2016 में मैनेजमेंट कमेटी को कॉलेज बंद करना पड़ा। कॉलेज के उप प्रबंधक बचन सिंह रावत का कहना है कि इस क्षेत्र में बूढ़ाकेदार, कोट विशन, अगुंडा, विनयखाल, कैपार्स और तलेवन इंटर कॉलेज है। इन कॉलेजों से इंटर करने के बाद युवाओं को स्नातक में प्रवेश लेने के लिए 40 किमी दूर बालगंगा महाविद्यालय का रुख करना पड़ता है। दूरी अधिक होने के कारण अधिकांश अभिभावक लड़कियों को घर से बाहर नहीं भेज पाते है। जिस कारण क्षेत्र की बेटियां उच्च शिक्षा लेने से वंचित रह जाती है।
इनका क्या है कहना
विनयखाल (ठागधार) जनता डिग्री कॉलेज को पुर्नजीवित करने का प्रयास किया जाएगा। कॉलेज का राजकीयकरण के लिए जल्द ही शासन को पत्राचार किया जाएगा।
-शक्ति लाल शाह, विधायक घनसाली