नई टिहरी। डाक विभाग की दर्पण योजना के तहत टिहरी-उत्तरकाशी के ग्रामीण शाखा डाकघरों को डिजिटल बनाने की कवायद शुरू हो गई है। विभाग से दोनों जिले के ग्रामीण डाकघरों में डिजिटल लेनदेन को 351 एमसीडी (मोबाइल कंप्यूटर डिवाइस) मशीनें मिल चुकी हैं, जिनमें से पहले चरण में 127 एमसीडी मशीनों को मुख्य डाकघर से ऑन लाइन कर वितरित कर दिया है। एमसीडी मशीनें डाकघरों को मिलने के बाद ग्राहकों को पांच हजार के बजाए अब 40 हजार रुपये तक ऑनलाइन नकदी मिल सकेगी।
टिहरी और उत्तरकाशी जिले में 351 ग्रामीण डाकघर शाखा है, लेकिन अभी तक डाकघर ऑनलाइन न होने के कारण ग्राहकों से लेकर कर्मियों को परेशानी हो रही है। अब दर्पण योजना से शाखा डाकघरों को डिजिटल बनाने का काम शुरू हो गया है। विभाग को दोनों जिलों के लिए 351 एमसीडी मशीन मिल चुकी है, जिन्हें मुख्य डाकघर से ऑनलाइन कर ग्रामीण डाकघरों के शाखा डाकपालों को दी जाएगी। पहले चरण में टिहरी और उत्तरकाशी के 127 डाकघरों में मशीनें दी गई है। मंगलवार को मशीनों को ऑनलाइन करने का काम से लेकर डाकपालों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया है, जबकि दूसरे चरण में अन्य डाकघरों को एमसीडी मशीनें दी जाएगी। इन मशीनों के लगने से ग्रामीण डाकघरों में आरडी, बचत, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, डाक जीवन बीमा, सुकन्या, नई खाते खोलने, रजिस्ट्री से लेकर लेनदेन ऑनलाइन हो सकेंगे। साथ ही अभी तक शाखा डाकपाल को एक दिन में ग्राहक को पांच हजार तक ही नकद दे सकते थे, लेकिन अब मशीन लगने से 40 हजार रुपये तक दे सकेंगे। सहायक डाकपाल खेमराज भट्ट ने बताया कि पहले चरण में 127 एमसीडी मशीनों का ऑनलाइन वितरण कर लिया है। इसके बाद अन्य शाखा डाकघरों को भी मशीनें दी जाएगी।