नई टिहरी। चार साल पहले करीब 20 करोड़ की लागत से बनी राजीव गांधी साहसिक खेल एकेडमी में प्रशिक्षण शुरू होने की राह नहीं खुल पा रही है। सरकार ने करीब छह माह पहले नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा के सहयोग से प्रशिक्षण शुरू करने का एमओयू किया था, लेकिन अभी तक प्रशिक्षण को लेकर कोई रूपरेखा निर्धारित नहीं हो पाई है।
पूर्ववर्ती सरकार ने 2014 में कोटीकालोनी में करीब 20 करोड़ की लागत से साहसिक खेल एकेडमी और छात्रावास का निर्माण करवाया था। एकेडमी में एक ही छत के नीचे वाटर एडवेंचर, एरो एडवेंचर और लैंड एडवेंचर का प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाना था। पूर्व सरकार, वर्तमान सरकार ने पीपीपी मोड देने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन सरकार को कोई भी पार्टनर नहीं मिल पाया था। सरकार ने अक्तूबर 2018 में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा के साथ एकेडमी संचालन का अनुबंध किया था। पहले चरण में वाटर स्पोर्ट्स में लाइफ सेविंग, विंड सर्फिंग, वाटर स्कीईंग, कयाकिंग, पावर बोट हैंडलिंग, जेटस्की का प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित था। इसके लिए एनआईडब्ल्यूएस के प्रशिक्षकों को कोटी कालोनी में युवाओं को प्रशिक्षण देकर प्रमाणपत्र देने थे। साहसिक खेल अधिकारी सोबत सिंह राणा का कहना है कि वैसे तो विभागीय स्तर पर युवाओं को साहसिक खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लेकिन जल्द ही विधिवत रूप गोवा के साथ मिलकर प्रशिक्षण शुरू होंगे।