घनसाली (टिहरी)। विनकखाल-गेंवाली सड़क निर्माण की मांग को लेकर आठ दिनों से आंदोलनरत गेंवाली के ग्रामीणों की एसडीएम के साथ दूसरे दौर की वार्ता भी विफल हो गई। गांव के 19 लोग सोमवार को भी भूख हड़ताल पर डटे रहे। ग्रामीणों ने कहा जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो जाता है तब तक वे अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। डा.अनुभव कुड़ियाल ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। रजमा देवी और विजेंद्र सिंह का वजन दो-दो किलो कम पाया गया।
गेंवाली गांव के लोग सड़क निर्माण की मांग को लेकर 25 फरवरी से आंदोलनरत है। मांग के समर्थन में ग्राम प्रधान बचन सिंह रावत, रजमा देवी, सुभद्रा देवी, जयत्री देवी, पदमा देवी, कुंवर सिंह, सुंदर सिंह, सोहन सिंह, महेंद्र सिंह, मातबर सिंह, शेर सिंह, माखन सिंह, विजेंद्र सिंह, शेर सिंह रावत, सोहनलाल गेंवाली गांव में भूख हड़ताल पर बैठे हुए है। दो मार्च से चार अन्य लोग जेठू सिंह, भगवान सिंह, बचन सिंह राणा और रतन सिंह भी भूख हड़ताल पर बैठ गए।
सोमवार को एसडीएम पीआर चौहान वार्ता के लिए गेंवाली पहुंचे। एसडीएम ने आंदोलनरत लोगों को बताया कि विनकखाल-गेंवाली सड़क निर्माण की स्वीकृति देने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही शासन स्तर से स्वीकृति मिल जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2016 से उन्हें कई बार ऐसे आश्वासन मिल चुके है। जब तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो जाता है वे अन्न जल ग्रहण नहीं करेंगे। एसडीएम ने कहा कि अनशनकारी महिलाओं के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है। उन्हें अनशन पर न बैठने दे। लेकिन ग्रामीणों ने एसडीएम की बातों को सिरे से नकार दिया है। जिला पंचायत सदस्य कैलाशी देवी ने आंदोलन का समर्थन करते हुए शीघ्र ही सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की है।