नई टिहरी। जाखणीधार ब्लाक के ग्राम पंचायत मोली में विभिन्न विकास कार्यों में धनराशि का गबन करने के आरोप में डीएम ने प्रधान रामनाथ को पदमुक्त कर दिया है। अंतिम जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान दोषी पाए जाने के बाद डीएम ने यह कार्रवाई की है। अब ग्राम पंचायत के समस्त विकास कार्य जिला पंचायतराज अधिकारी की ओर से गठित ग्राम पंचायत समिति संपादित करेगी।
मोली ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर बीते जून में डीएम के निर्देश पर सीडीओ आशीष भटगांई, परियोजना निदेशक डीआरडीए भरत चंद भट्ट, डीपीआरओ आरएस असवाल और जल संस्थान के ईई सतीश चंद्र नौटियाल ने जांच की थी। मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दर्शन लाल झिल्डियाल को 14 जून को डीपीआरओ ने निलंबित कर दिया था। जांच रिपोर्ट में 2014-15 में तीन लाख 18 हजार की लागत से स्वीकृत बारातघर निर्माण में मात्र 86 हजार का काम पाया गया, जबकि वर्ष 2016-17 में दो लाख 90 हजार की धनराशि से स्वीकृत मोली से ईदगाह सीसी मार्ग पर केवल एक लाख 40 हजार का काम ही पाया गया। वहीं गांव की पेयजल योजना के निर्माण पर 70 हजार का भुगतान लिया गया, जबकि पेयजल योजना का निर्माण 2016-17 में जल संस्थान देवप्रयाग ने दो लाख की लागत से किया था। 2017-18 अंजनीसैंण में भागचंद के मकान से आनंद चौहान के मकान तक सीसी मार्ग के नाम पर 50 हजार की धनराशि का भुगतान लिया गया, लेकिन जांच में धरातल पर कोई काम नहीं मिला। डीएम सोनिका ने बताया कि अंतिम जांच रिपोर्ट में प्रधान रामनाथ पर सभी आरोप सिद्ध हुए हैं। रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान को पदमुक्त कर दिया गया है।