नई टिहरी। जिला सहकारी बैंक की बोर्ड बैठक में 46 करोड़ 37 लाख के एनपीए वसूलने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रत्येक बकाएदार को 10-10 दिन का समय पैसा जमा करने के लिए दिया जाएगा। बावजूद बकाया न चुकाने वाले लोगों और उनके गवाहों की फ्लैक्सी प्रत्येक शाखा के बाहर और अंदर चस्पा की जाएगी। बैठक में चार नए एटीएम लगाने, महिला बैंक शाखा एक मार्च से शुरू करने का भी निर्णय लिया गया।
मंगलवार को जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुभाष चंद रमोला की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में कई वर्षों से एनपीए चले रहे 46 करोड़ 37 लाख 83 हजार की वसूली न होने पर चिंता व्यक्त की गई। बताया कि बैंक का मुनाफा केवल डेढ़ करोड़ रुपये हैं। ऐसे में बकाया चल रहे करोड़ों रुपये वसूल न हुए तो बैंक बंदी की करार पर पहुंच जाएगा। बैठक में उपलब्ध करवाई गई बकायादारों की सूची से ज्ञात हुआ कि 2006 से लेकर 2011, 12 तक करोड़ों रुपये का ऋण बांटा गया। कई स्थानों पर ऐसे लोगों को भी प्रॉपर्टी पर ऋण दिए गए, जिस पर पहले से ही ऋण लिया जा चुका था और उसकी कुर्की भी हो चुकी थी। जिले के बाहर के कई शराब, खनन करोबारियों की सीसीएल बनाकर करोड़ों रुपये ऋण गलत तरीके से वितरित किया गया। बावजूद वसूली के नाम पर बड़े बकाएदारों को नोटिस तक जारी नही की गई। निर्णय लिया गया कि पहले चरण में प्रत्येक शाखा के 20-20 बड़े बकायादारों को नोटिस जारी कर 10 दिन में भुगतान करने की चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी बकाया जमा न करने पर संबंधित व्यक्ति और उसके गवाह की फ्लैक्सी बनाकर बैंक शाखा के बाहर और अंदर चस्पा कर वूसली की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने हिंडोलाखाल, ढालवाला, तपोवन और छाम में एटीएम लगाने और चंबा में प्रस्तावित महिला बैंक शाखा को एक मार्च से शुरू करने का निर्णय लिया। इस मौके पर निदेशक नरेश नेगी, सतपाल कलूड़ा, उत्तम सिंह कठैत, गोविंद रावत, सुनील हनुमंती, जेपी चंद, टीकाराम भट्ट, विजय लक्ष्मी पंवार, उषा बडोला, महाप्रबंधक पीपी सिंह, एजीएम सौ सिंह आदि मौजूद थे।