थत्यूड़ (टिहरी)। कनाडा निवासी करेन अंसारी को भारतीय संस्कृति और हिंदुस्तान की मिट्टी की खुशबू धनोल्टी तक खींच लाई। अपने पति की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने ईको पार्क धनोल्टी स्मृति वन में अपने पति की स्मृति में देवदार के पौधे का रोपण किया।
करेन अंसारी ने बताया कि उनके पति मन्नू अंसारी का गत वर्ष नौ नवंबर 2017 को निधन हो गया था। मन्नू की जन्मभूमि बिहार है। वह काम के लिए कनाडा गए और वहां की नागरिकता लेकर टोरंटो रहने लगे। उनकी इच्छा थी कि मरने के बाद उनके अस्थिकलश को हिंदुस्तान की मिट्टी में दफनाया जाए। बताया कि पति के निधन के बाद दिसंबर 2017 में वह धनोल्टी आई थी और उस वक्त धनोल्टी ईको पार्क में स्मृति वन पौधरोपण कार्य को देखा था। कहा कि उसी समय स्मृति वन में अपने पति की याद में पेड़ लगाने का भाव पैदा हुआ। वह की पति की कब्र से लाई मिट्टी को लेकर धनोल्टी पहुंची है। सोमवार को उन्होंने ईको पार्क धनोल्टी स्मृति वन में अपने पति की स्मृति में देवदार के पौधे रोपे। इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी जौनपुर रेंज मनमोहन बिष्ट, समिति सदस्य कुलदीप नेगी, सुरेश बेलवाल, समिति सचिव तपेंद्र बेलवाल, बीना कठैत, छंछरू दास, जसपाल सिंह, राजू मल्होत्रा आदि मौजूद रहे।