चंबा (टिहरी)। एनएसएस की 6500 सीटों के लिए श्रीदेव सुमन विवि एनएसएस राज्य इकाई में दोबारा आवेदन करेगा। विवि से संबद्ध 32 राजकीय महाविद्यालयों और 113 स्ववित्त पोषित कॉलेजों को एनएसएस की सीटें आवंटन की दरकार है। कॉलेजों में एनएसएस की बढ़ती डिमांड को देखते हुए विवि ने स्ववित्त पोषित योजना के तहत भी एनएसएस संचालित करने का निर्णय लिया है।
गढ़वाल विवि से डिएफिलेट होकर 56 राजकीय महाविद्यालय इस सत्र में श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध हो गए थे, लेकिन एनएसएस की सीटों का आवंटन नहीं होने से महाविद्यालयों में इस सत्र में एनएसएस शुरू नहीं हो पाया था। लंबे इंतजार के बाद एनएसएस राज्य इकाई से 19 नवंबर को श्रीदेव सुमन विवि को 2800 सीटों का आवंटन हो गया है, लेकिन विवि को एनएसएस के लिए 6500 सीटों की और जरूरत है। क्योंकि 2800 सीटों में विवि सिर्फ 32 राजकीय महाविद्यालयों को ही सीटें आवंटित कर पाया है। 24 राजकीय महाविद्यालय और 113 स्ववित्त पोषित कॉलेज एनएसएस विहीन रह गए हैं, जबकि सभी राजकीय महाविद्यालयों की ओर से विवि को एनएसएस में सीटें आवंटन करने का आवेदन प्राप्त हुआ है।
एनएसएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को सरकारी सेवा में जाने और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए वेटेज अंक मिलते हैं। यही वजह है कि एनएसएस में दाखिला पाने के लिए छात्र-छात्राओं में होड़ मची रहती है। इस स्थिति को देखते हुए विवि प्रशासन ने 6500 सीटों के लिए एनएसएस राज्य इकाई में दोबारा से आवेदन करने का निर्णय लिया है। विवि के क्रीड़ाधिकारी/ सहायक परीक्षा नियंत्रक डा. हेमंत बिष्ट ने बताया कि कोई भी छात्र-छात्राएं एनएसएस से वंचित न रहे इसके लिए 6500 सीटों के लिए आवेदन किया जाएगा।