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कंडी व बगोड़ी गांव में नहीं हो पाई चकबंदी

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कंडीसौड़ (टिहरी)। कंडी और बगोड़ी गांव में स्वैच्छिक चकबंदी की मुहिम परवान नहीं चढ़ पा रही है। तहसील प्रशासन की ओर से स्वैच्छिक चकबंदी करने संबंधी दोनों ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव चकबंदी आयुक्त और डीएम को भेजा गया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कंडी गांव की ओर से 2015 में सरकार को स्वैच्छिक चकबंदी का प्रस्ताव भेजा गया था। गांव के लोगों ने अलग-अलग जगह लगभग तीन हजार कृषि नाली भूमि पर चकबंदी करने पर सहमति जताई थी। वर्ष 2016 में बगोड़ी गांव के सभी 40 परिवारों ने आपसी सहमति पर चकबंदी करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बीते तीन जुलाई को कंडीसौड़ में आयोजित तहसील दिवस में लोगों ने कहा कि सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का दावा कर रही है, जब तक चकबंदी नहीं होगी तब तक किसानों की आय दोगुनी नहीं हो सकती है। इस पर डीएम सोनिका ने तहसीलदार और कृषि विभाग के अधिकारी को गांव में बैठक कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इस पर 30 जुलाई को तहसील प्रशासन ने दोनों ग्राम पंचायतों की खुली बैठक बुलाई, जिसमें सर्वसम्मति से दोबारा स्वैच्छिक चकबंदी का प्रस्ताव पारित करते हुए तहसील प्रशासन को प्रस्ताव सौंपा गया। तहसील प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर चकबंदी आयुक्त और डीएम को प्रस्ताव भेजा। तब से तीन माह हो गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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शासन के निर्देश पर ही स्वैच्छिक चकबंदी के लिए कंडी और बगोड़ी ग्राम पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। ग्राम सभा का प्रस्ताव चकबंदी आयुक्त और डीएम को भेजा गया था। शासन के निर्देश पर ही स्वैच्छिक चकबंदी के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-उपेंद्र बहुगुणा, तहसीलदार कंडीसौड़
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