नई टिहरी। देवप्रयाग ब्लाक के गोमुख-डोभ-नौली कोटेश्वर नगर मोटर मार्ग का निर्माण न होने से ग्रामीण कई किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। ग्रामीण वर्षों से सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलित हैं, लेकिन शासन-प्रशासन सड़क को लेकर ठोस कदम नही उठा रहा है।
ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद 2017 में गोमुख के भुवनेश्वरी मंदिर से नैली कोटेश्वर नगर तक पांच किमी सड़क स्वीकृत हुआ थी, लेकिन सड़क निर्माण में आ रही वनभूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया एक साल बाद भी पूरी न होने से मार्ग का निर्माण शुरू नही हो पाया है। सड़क नहीं बनने के कारण नैली के ग्रामीण तीन से चार किमी पैदल नाप रहे हैं, जबकि चाका पिछवाड़ा, डोभ, गोमुख समेत आधा दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण देवप्रयाग होते हुए 70 से 80 किमी का अतिरिक्त सफर कर चाका, गजा, नरेंद्रनगर जाने को मजबूर बने हुए हैं। यदि मार्ग बन जाता, तो जहां नौली के ग्रामीणों को पैदल नापने से निजात मिलती, वहीं अन्य गांव के ग्रामीण सिर्फ 15 से 20 किमी की दूरी तय कर कोटेश्वर होते हुए आसानी से पहुंच जाते। चाका पिछवाड़ा के प्रधान रवि सेमवाल ने बताया कि सरकार ने 2017 में मार्ग स्वीकृत भी की थी। बावजूद वनभूमि हस्तांतरण न होने से सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने जल्द वनभूमि का हस्तांतरण न होने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी। सहायक अभियंता सतीश भट्ट का कहना है कि पांच किमी सड़क की स्वीकृति 2017 में मिली थी। वनभूमि हस्तांतरण संबंधी प्रक्रिया ऑनलाइन नोडल अधिकारी को भेजी गई है। उम्मीद है कि जल्द वनभूमि की एनओसी मिलेगी।