चंबा (टिहरी)। रानीचौरी वानिकी महाविद्यालय की पहल पर भिलंगना ब्लॉक के पिलखी में एक दिवसीय गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों को कृषि तकनीक के बारे में बताया गया।
सोमवार को सेवा टीएचडीसी के सहयोग से बांध प्रभावित क्षेत्र पिलखी में आयोजित गोष्ठी में पडागली, बनचौरा और बौर के काश्तकारों ने प्रतिभाग किया। वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. एसके गुप्ता ने कहा कि अधिक उत्पादन के लिए उन्नत प्रजाति के बीजों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उद्यान विशेषज्ञ डा. तेजपाल बिष्ट ने किसानों के मुनाफे को देखते हुए टीशू कल्चर विधि से केले की खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को जी-9 केले की खेती करने की सलाह दी। संयुक्त निदेशक प्रसार डा. अरविंद बिजल्वाण ने कृषि में वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर जोर दिया। पादप रोग विशेषज्ञ डा. लक्ष्मी रावत ने फसलों में होने वाले रोगों से बचाव के बारे में बताया। इस मौके पर चंद्रमणि बडोनी, शंभू प्रसाद बिजल्वाण, गीता देवी, श्यामा देवी आदि मौजूद थे।