नई टिहरी। सरकार की ओर से अक्तूबर में प्रस्तावित इनवेस्टर समिट का स्वागत करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने इसके लिए सिटीजन चार्टर तैयार कर उत्तराखंड के हक-हकूकों के अनुसार कार्रवाई करने के मांग की है। कहा कि देश को पानी देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अहम योगदान देने के लिए उत्तराखंड को वनवासी क्षेत्र घोषित किया जाए।
पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता में पूर्व पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय ने कहा कि सरकार ने इनवेस्टर समिट में जो विभाग रखे हैं। उनका उत्तराखंड के सरोकार से कोई मतलब नहीं है। कहा कि उन्हें डर है कि कहीं सरकार अंबानी और अन्य उद्योगपतियों को उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा न बेच दे। कहा कि सभी दलों के प्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी, बांध प्रभावित, पत्रकारों के सहयोग से राज्य के अहम मुद्दों का एक साझा सिटीजन चार्टर बनाया जा रहा है, जिसको को पीएम मोदी को एम सप्ताह पहले भेजा जाएगा। कहा कि इस संबंध में 23 सितंबर को सितारगंज, 27, 28 को पुरोला और 30 सितंबर को देहरादून में बैठक आहूत की गई है, जिसमें सीटीजन चार्टर को बनाया जाएगा। कहा कि भाजपा ने 2017 के चुनाव में नारा दिया था कि अटल ने बनाया है, मोदी संवारेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सूरज राणा, प्रदेश प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट, कुशलानंद भट्ट, नरेंद्र रमोला, जगदंबा रतूड़ी, पदम सिंह कुमांई, मुर्तजा बेग, साब सिंह सजवाण, नवीन सेमवाल, पुरूषोत्तम थलवाल, दर्शनी रावत, विजयलक्ष्मी थलवाल शकुंतला नेगी, सीमा कृषाली, आशा रावत, रजनी नौटियाल आदि मौजूद थे।