नई टिहरी। खतरों के नए खिलाड़ी टिहरी झील किनारे तैयार होंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार टिहरी कोटी कालोनी में एक कृत्रिम झील बनाने जा रही है। कृत्रिम झील में युवाओं को लाइफ सेविंग के गुर सीखने को मिलेंगे। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स (एनआईडब्ल्यूएस) गोवा खतरों के खिलाड़ी तराशने में राजीव गांधी साहसिक खेल एकेडमी का साथ निभाएगी।
कोटी कालोनी में 14 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुई राजीव गांधी साहसिक खेल एकेडमी आगामी मई-जून में अस्तित्व में आ जाएगी। एकेडमी में वाटर एडवेंचर, एरो एडवेंचर और लैंड एडवेंचर शुरू करने के लिए पर्यटन विभाग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स (एनआईडब्ल्यूएस) गोवा से अनुबंध करने जा रही ही है। अनुबंध की पत्रावली सीएम के पास पहुंच चुकी है। युवाओं को एक छत के नीचे वाटर एडवेंचर, एरो एडवेंचर और लैंड एडवेंचर का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा ने अनुबंध में पहली शर्त यही रखी है कि युवाओं को जल क्रीड़ा का प्रशिक्षण देेने लिए छोटी झील होनी आवश्यक है। इसके लिए सरकार ने कोटी कालोनी में हेलीड्रम के समीप झील से आरएल 825 मीटर से बाहर कृत्रिम झील बनाने का निर्णय लिया है। टिहरी झील को नया पर्यटन डेस्टिनेशन बनाने और कृत्रिम झील बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक सप्ताह पूर्व पर्यटन विभाग को 50 लाख की धनराशि जारी कर दी है। पर्यटन विभाग 10 अक्तूबर तक कृत्रिम झील बनाने की डीपीआर तैयार कर रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। कृत्रिम झील में जल क्रीड़ा का प्रशिक्षण लेने के बाद राजीव गांधी साहसिक खेल एकेडमी युवाओं को टिहरी झील में क्याकिंग, कनोईंग शुरू करने के लिए प्रमाणपत्र निर्गत करेगी। विधायक धन सिंह नेगी ने कहा कि कोटी कालोनी में कृत्रिम झील बनने के बाद जल क्रीड़ा के सभी प्रशिक्षण उन्हें यहीं मिलेगा।
कृत्रिम झील बनाने की डीपीआर जल्द तैयार की जानी है। एनआईडब्ल्यूएस गोवा के विशेषज्ञ कृत्रिम झील में युवाओं को लाइफ सेविंग के गुर सिखलाएंगे। राजीव गांधी साहसिक खेल एकेडमी का संचालन शुरू करने के लिए एनआईडब्ल्यूएस गोवा से अनुबंध की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
-सोबत सिंह राणा, जिला साहसिक खेल अधिकारी टिहरी