चंबा (टिहरी)। बंजर खेतों में फिर से खेती करने का सपना तो हर किसान देखता है, लेकिन उस सपने को अपनी मेहनत और लगन से पूरा करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। मगर खाड़ी क्षेत्र के बेरनी गांव में निवासरत लोगों ने अपनी मेहनत के दम पर बंजर जमीन को दोबारा से हराभरा करने की ठान ली है। इसके लिए गांव के प्रत्येक परिवार ने अपने बंजर खेतों में आधुनिक तकनीक से केला, आम, लीची, कटहल और अनार की बागवानी तैयार कर एक नजीर पेश की है।
गांव के बंजर पड़े खेतों को देखकर पूर्व मंत्री लाखीराम जोशी, प्रधान ज्ञान सिंह रावत, अतर सिंह नेगी, रविंद्र सिंह रावत ने वैज्ञानिक तरीके से बागवानी करने का मन बनाया। इसके लिए उन्होंने गांव के लोगों के समक्ष अपनी बात रखी, तो सभी ने हामी भरी। उद्यान विभाग के विशेषज्ञों की मदद से ग्रामीणों ने वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की तैयारी शुरू कर दी। ग्रामीणों की डिमांड को देखते हुए विभाग ने गांव में विभिन्न फलदार पौधों की ढाई हजार प्रजाति भेज दी। अब बंजर खेतों में बागवानी को देखकर ग्रामीण खुश हैं।
कोट
बेरनी गांव के ग्रामीणों की डिमांड पर सबसे बड़ी मात्रा में केले, आम, अनार, कटहल और नींबू सहित कई प्रजाति के 2500 पौधे दिए गए हैं। साथ ही किसानों को केले की उत्तक संवर्धन प्रजाति दी गई है।
डा. डीके तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी टिहरी