नई टिहरी। लगातार हो रही बारिश के चलते टिहरी बांध का जलस्तर आरएल (रीवर वाटर लेबल) 818.01 मीटर पहुंच गया है, जबकि बांध से 741 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। झील से आरएल 436 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
टिहरी बांध की झील के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण आसपास के गांव में रह रहे प्रभावितों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी है। रविवार को झील का जलस्तर आरएल 818.01 मीटर पहुंच गया है। भागीरथी नदी से 350.18 क्यूमेक्स और 2016.18 क्यूमेक्स पानी झील में आ रहा है। झील से आरएल 436 क्यूमेक्य पानी छोड़ा जा रहा है। बांध से 741 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। वर्तमान में सरकार ने टीएचडीसी को झील को आरएल 825 मीटर भरने की अनुमति दे रखी है, लेकिन जलस्तर आरएल 820 से अधिक होने से आसपास के क्षेत्रों में भूस्खलन की समस्या बढ़ जाती है, जिसके चलते बांध प्रभावित जीर्णशीर्ण बने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं। बावजूद लंबे समय से बांध प्रभावित 415 परिवारों के पुनर्वास नही हो पा रहा है। आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा का कहना है कि सरकार को पहले चिह्नित बांध प्रभावितों का पुनर्वास करना चाहिए। इसके बाद ही झील का जलस्तर बढ़ाना चाहिए।