नई टिहरी। टीएचडीसी हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में बीटेक में प्रवेश ले चुके छात्रों को पढ़ाई शुरू करने से पहले कैंपस और फैकल्टी को जानने के लिए तीन सप्ताह का इंडक्शन प्रोग्राम शुरू हो गया है। इस दौरान छात्रों के बौद्धिक विकास, प्रतियोगिताओं, कोर्स में इंग्लिश सुधारने समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
भागीरथीपुरम स्थित संस्थान में मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ किया। कहा कि एआईसीटीई ने प्रवेश लेने वाले छात्रों में पढ़ाई का दबाव कम करने और कैंपस का माहौल समझने के लिए इंडक्शन प्रोग्राम का फैसला कर बेहतर काम किया है। टीएचडीसी आईएचटीई के निदेशक प्रोफेसर जीएस तोमर ने छात्रों को कई टिप्स दिए। एसआरटी परिसर के प्रोफेसर एनके अग्रवाल, होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के निदेशक डा. यशपाल नेगी ने विभिन्न तकनीकी जानकारी दी। उद्यान पंडित कुंदन सिंह पंवार, बीज बचाओ आंदोलन के प्रेरणता विजय जड़धारी, आर्ट आफ लिविंग की निशाग्रा बिस्ला ने कहा कि छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ ही परंपरागत गतिविधियों की जानकारी होनी चाहिए। प्रोग्राम की कोऑर्डिनेटर डा. ऋचा बिजल्वाण ने बताया की एआईसीटीई ने बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों के सिलेबस में इस साल से तीन सप्ताह के इंडक्शन प्रोग्राम को शामिल किया है। इस मौके पर डा. विनय कुमार, मनदीप गुलेरी, सुमित कुमार, बनित नेगी, विवेक कुमार, विक्रांत कुमार, हिमांशु नौटियाल, डा. संजय रावत, विकास बिष्ट, हरेंद्र मेहरा आदि मौजूद थे।