चंबा (टिहरी)। अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे श्रीदेव सुमन विवि में पदों के सृजन का मामला शासन से अब राजभवन पहुंच गया है। राजभवन में वित्त समिति, कार्मिक विभाग और उच्च शिक्षा विभाग की होने वाली बैठक में पदों के सृजन पर मुहर लगने की उम्मीद है। फिलहाल विवि 45 आउट सोर्स उपनल कर्मियों के भरोसे संचालित हो रहा है।
वर्ष 2012 में अस्तित्व में आए श्रीदेव सुमन विवि अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। मैन पॉवर के अभाव में विवि प्रशासन समय पर छात्रों की परीक्षा और परिणाम घोषित नहीं कर पाता है। हालांकि इस वर्ष विवि ने जोड़तोड़ कर किसी तरह समय पर परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है, लेकिन अंक तालिका कॉलेजों तक पहुंचाने की समस्या अब भी मुंह बाएं खड़ी है। समस्या से निजात पाने के लिए विवि प्रशासन ने 134 पदों का सृजन कर बीते जनवरी माह में प्रस्ताव शासन को भेज था। शासनस्तर से अब पदों के सृजन का मामला राजभवन पहुंच चुका है। अब मामले में सबकी निगाहें राजभवन पर टिकी हुई है।
विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने बताया कि बादशाहीथौल और छिदरवाला स्थित कैंपस के लिए पदों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। कुलाधिपति की अध्यक्षता में होने वाली वित्त, कार्मिक और उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में पदों के सृजन पर अंतिम निर्णय लिया जाना है। गोपेश्वर कैंपस के लिए दूसरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। गोपेश्वर में पहले से शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारी तैनात है। वहां कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों से विवि में सेवाएं देने या फिर राजकीय महाविद्यालयों में जाने का विकल्प मांग गया था। शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से दिए गए विकल्प का प्रस्ताव उच्च शिक्षा निदेशालय के स्तर पर विचाराधीन है।