नई टिहरी। टिहरी बांध की झील के जलस्तर में जैसे-जैसे वृद्धि हो रही, आसपास के क्षेत्रों में खतरे की संभावनाएं भी बढ़ने लगी है। लंबे समय से झील के कारण खतरे की जद में आए लुणेटा एक मकान की पीछे की दीवार टूट गई। गनीमत रही कि घर के जिस कमरे की दीवार टूटी है, उसमें रात को घर का कोई सदस्य नहीं था।
मंगलवार रात को करीब 11 बजे भटकंडा (लुणेटा) में झील के चलते जीर्णशीर्ण बने चंडी प्रसाद भट्ट के मकान के एक कमरे का पीछे का हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि जिस कमरे का हिस्सा गिरा उसमें कोई सो नहीं रहा था। बुधवार को जाखणीधार के तहसीलदार जगत सिंह धनोला, पटवारी मकान दास ने क्षतिग्रस्त घर का निरीक्षण किया। भटकंडा के प्रधान प्रदीप भट्ट, पिपोला प्रधान विनोद चमोली, आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा ने कहा कि क्षतिग्रस्त मकान का पुनर्वास निदेशालय ने कई साल पहले नकद प्रतिकर दे दिया था, लेकिन पुनर्वास नही किया। उन्होंने प्रभावितों का पुनर्वास एवं खतरे की जद में निवासरत परिवारों की सुरक्षा के उपाय करने की मांग की।
कोट
पुनर्वास हेतु भूमि का प्रकरण लंबित चल रहे हैं, जिसके चलते पुनर्वास नहीं हो रहा है। प्रभावितों की सुरक्षा हेतु टीनशेड का निर्माण किया गया है। उम्मीद है कि जल्द भूमि संबंधी प्रकरण का निराकरण हो पाएगा।
-सुबोध मैठाणी, अधिशासी अभियंता पुनर्वास।