घनसाली (टिहरी)। शिक्षा विभाग ने जीआईसी अखोड़ी को नाम मात्र ही मॉडल स्कूल घोषित किया है। कालेज के प्रधानाचार्य जहां दो साल से अधिक समय से नदारद चल रहे हैं, वहीं सात शिक्षकों के पद भी रिक्त पड़े हैं। मॉडल बनाए गए कालेज का भवन तक नहीं है। अभिभावक नदारद चल रहे प्रधानाचार्य को हटाने, शिक्षकों की तैनाती व भवन निर्माण की लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। अभिभावकों ने अब प्रधानाचार्य को बर्खास्त करने की मांग की है।
इंटर कालेज अखोड़ी में करीब 400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग ने वर्ष 2015 में कालेज को मॉडल स्कूल का दर्जा तो दिया, लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं दी। कालेज में वर्षों से इंटर में हिंदी, गणित, राजनीतिक विज्ञान, भूगोल और एलटी में भी हिंदी, गणित और विज्ञान के शिक्षक और कनिष्ठ सहायक का पद भी रिक्त चल रहा है, जबकि तीन मई 2016 से कालेज के प्रधानाचार्य भी नदारद हैं। स्थिति यह है कि इंटर कालेज हाईस्कूल के भवन पर संचालित किया जा रहा है। कालेज की समस्या से अभिभावक शिक्षा विभाग से लेकर सीएम तक को भी अवगत करा चुके हैं, बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। पीटीए के पूर्व अध्यक्ष सरोप सिंह महरा ने बताया कि शिक्षा विभाग ने शिक्षक और भवन विहीन कालेज को मॉडल का नाम तो दे दिया, लेकिन सुविधाओं के नाम पर पूरे शिक्षक भी नहीं हैं।
कोट
कालेज से नदारद चल रहे प्रधानाचार्य के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई गतिमान है। शिक्षकों के रिक्त पद नई भर्ती होने पर भरे जाएंगे। कालेज को नए भवन का इस्टीमेट बना कर भेजने को कहा गया है।
- डीसी गौड़, सीईओ टिहरी।