नई टिहरी। सरकार भले ही पहाड़ पर पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हो, लेकिन बैंक का सहयोग न मिलने से सरकार की कोशिशों को पलिता लग रहा है। खांड गांव के युवक ने अपनी पैतृक भूमि पर उद्योग लगाने के लिए 94 लाख का प्रोजेक्ट उद्योग विभाग से स्वीकृत करवाकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा कंडीसौड़ को भेजा था, लेकिन कई माह बाद भी उन्हें ऋण नहीं मिला।
थौलधार ब्लाक के खांड गांव निवासी बलदेव कुमाईं कई वर्षों से देशी-विदेशी पर्यटकों को पहाड़ की सैर करवा रहे हैं। उन्होंने टिहरी झील में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए झील से सटी अपनी आठ नाली भूमि को कमर्शियल घोषित करवाकर उस पर 20 लाख के हट बनाए हैं। बलदेव इसका विस्तार करना चाहते हैं। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम से 94 लाख का प्रोजेक्ट बनाकर उद्योग विभाग को दिया था। विभाग ने भी प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया, लेकिन यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा कंडीसौड़ ऋण नहीं दे रहा है। इससे उनका स्वरोजगार का सपना पूरा नहीं हो रहा है। शुक्रवार को इस संबंध में यूकेडी के जिलाध्यक्ष विजय पंवार के नेतृत्व में कई लोगों ने एडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर ऋण दिलवाने की गुहार लगाई है। बैंक प्रबंधक अमन गुप्ता का कहना है कि बलदेव कुमाईं ने करीब 15 दिन पहले ही मुझे पत्रावली दी है। पत्रावली स्वीकृति हेतु क्षेत्रीय कार्यालय को भेजी गई है। बलदेव अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। हट को लेकर इनके गांव में ही विवाद है।