कंडीसौड़ (टिहरी)। टिहरी बांध की झील का जलस्तर कम होने से अप्रैल से बंद चल रही स्यांसू-मणि बोट सेवा शुरू हो गई है, जिस पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। बोट सेवा बंद होने से थौलधार और चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के मणि क्षेत्र के लोगों को करीब 15 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। 42 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली बांध की झील में पुनर्वास निदेशालय की ओर से ग्रामीणों के आवागमन के लिए 13 बोट चलाई जाती है, जिनमें से अभी तक तीन का संचालन नहीं हो पा रहा है।
टिहरी बांध की झील बनने के बाद झील के दोनों ओर बसे ग्रामीणों के सामने एक-दूसरे क्षेत्र में आवागमन की समस्या से जूझना पड़ रहा है। हालांकि कई स्थानों पर पुल भी बनाए गए हैं, लेकिन गांवों से अधिक दूरी होने के कारण पुनर्वास निदेशालय की ओर से एक-दूसरे क्षेत्र में आने-जाने के लिए बोट सेवा शुरू की गई है। झील का जलस्तर कम होने पर पिलखी, देवल, स्यांसू, छाम और चिन्यालीसौड़ में संचालित बोट सेवा बंद हो जाती है, जिससे क्षेत्र के लोगों को 15 किमी तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। अब बरसात शुरू होने पर झील का जलस्तर बढ़ने पर तीन माह बाद सोमवार से स्यांसू-मणि बोट सेवा शुरू की गई है, जिससे झील के दोनों और कई गांव के लोगों को कुछ राहत मिली है। पुनर्वास अवस्थापना खंड के ईई सुबोध मैठाणी ने कहा कि जलस्तर कम होने पर सेवा हर साल बंद करनी पड़ती है। जल भराव होने पर सभी सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।