नई टिहरी। पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले दो-तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से अब धीरे-धीरे टिहरी झील का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। तीन जुलाई के बाद प्रत्येक दिन झील के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। हफ्तेभर में झील के जलस्तर में चार मीटर 15 सेमी की वृद्धि हुई है। मंगलवार को झील का जलस्तर आरएल (रिवर लेबल) 753.15 मीटर पहुंच गया है। झील से 172 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इन दिनों टिहरी डैम से 580 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
भिलंगना नदी से 63 क्यूमेक्स, भागीरथी 250 क्यूमेक्स व स्थानीय गाड़ गदेरों से 63 क्यूमेक्स और कुल 376 क्यूमेक्स पानी प्रतिदिन टिहरी झील में आ रहा है। नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने से झील का जलस्तर मंगलवार को आरएल 753.15 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि 15 जून को झील का जलस्तर आरएल 740 मीटर पहुंच गया था। तब इस अवधि में डैम से करीब 520 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था। जलस्तर बढ़ने से इन दिनों बिजली का उत्पादन 580 मेगावाट पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने पर भले ही टीएचडीसी अधिकारियों के चेहरे खिले हैं, लेकिन झील के आरपार बसे गांवों के लोगों की दिलों की धड़कने भी तेज होने लगी है। क्योंकि बारिश के मौसम में झील का जलस्तर बढ़ने पर गांवों के संपर्क मार्गों पर दलदल हो जाता है। बांध प्रभावित एक दर्जन गांवों में निवासरत 415 परिवारों को अभी पुनर्वास होना है। प्रभावित परिवारों को पुनर्वास करने के लिए शासनस्तर पर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई लंबित है।