नई टिहरी। पर्वतीय क्षेत्र में वाहनों में ओवरलोडिंग थमने का नाम नहीं रहे रहा है। चंबा में चेकिंग के दौरान एआरटीओ को एक 40 सीटर स्कूल बस के अंदर 62 बच्चे बैठे मिले। बस को सीज करने के बाद एआरटीओ ने बस का परमिट और चालक का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति परिवहन आयुक्त को भेज दी है।
ओवरलोडिंग के कारण एक जुलाई को धुमाकोट बस हादसे में 48 लोगों की जान चले जाने के बाद भी वाहन चालक और परिचालक बाज नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को चंबा में इसकी बानगी देखने को मिली, जब मार्डन स्कूल की बस छुट्टी के बाद बच्चों को लेकर घर छोड़ने जा रही थी। एआरटीओ ज्योति शंकर मिश्रा ने बस को चेकिंग के लिए रोका, तो 40 सीटर बस के अंदर 62 बच्चे बैठे मिले। बच्चों को घर छोड़ने के बाद एआरटीओ ने बस को सीज कर दिया। बस का परमिट और चालक का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति परिवहन आयुक्त को भेज दी है।
एआरटीओ ने बताया कि चेकिंग के दौरान एक मैक्स वाहन में चंबा-धनोल्टी मार्ग पर क्षमता से अधिक स्कूली बच्चे बैठे दिखे, जिसे रुकने को कहा गया पर चालक तेजी से भाग गया। मैक्स वाहन का नंबर नोट करने के बाद परमिट निरस्त करने की संस्तुति परिवहन आयुक्त को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-चंबा, चंबा-धनोल्टी, चंबा-कोटी कालोनी मार्ग पर चेकिंग अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर बृहस्पतिवार को 52 वाहनों का चालान काटा गया है और सात वाहन सीज किए गए। दो वाहनों के चालक शराब के नशे में मिले।