नई टिहरी। टिहरी बांध की झील में बोटिंग गतिविधियां बंद होने से झील एक बार फिर से वीरान पड़ गई है, जिससे बांध प्रभावितों में निशाना का भाव पैदा हो गया है। झील में 18 जून से बोटिंग बंद होने से स्थानीय बोटिंग, होटल, ढाला से लेकर अन्य व्यवसाय कर्ताओं और इससे जुड़े लोगों को करीब 80 लाख से अधिक का नुकसान हो गया है।
जून तक बोटिंग संचालक से अच्छी आजीविका अर्जित हो रही थी। प्रत्येक दिन हजार बोट संचालक पांच हजार से लेकर 10 हजार रुपये कमा रहे थे। साथ ही आसपास के होटल, ढाबा, टेंट समेत अन्य व्यवसाय भी पर्यटकों को सुविधा देकर अच्छी आय कमा रहे थे। बावजूद 14 दिन से बोटिंग व्यवसाय बंद होने से कारोबारियों को करीब 80 लाख से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। विधायक धन सिंह नेगी का कहना है कि सरकार झील में बोटिंग गतिविधियां शुरू करवाने को स्पष्ट नीति बनाने का प्रयास कर रही है। टिहरी झील को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल कैसे बने। इसके लिए गंभीरता से काम किया जा रहा है।