नई टिहरी। टिहरी बांध की झील में बोट मालिकों एवं चालकों ने कोर्ट के आदेश के 14 दिन बाद भी नीति न बनाए जाने पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए सरकार पर बेरोजगार करने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ कर जल्द नीति न बनाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बोट मालिकों ने कहा कि बोटिंग व्यवसाय बंद होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
रविवार को कोटीकालोनी में झील किनारे बोट मालिकों एवं चालकों ने हवन किया। बोट मालिक यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने कहा कि झील में बोटिंग बंद होने से पर्यटन कारोबार पूरी तरह बंद हो गया है। बोटिंग न होने से उनके सामने बोट के लिए गए बैंक ऋण की किश्त देनी मुश्किल हो गई है। बोट मालिक लखवीर चौहान, अरविंद रतूड़ी, जगत सागर बिष्ट ने कहा कि कोर्ट के फैसले के 14 दिन बाद भी सरकार नीति बनाने को लेकर खामोश बैठी है, जबकि कोर्ट ने 15 दिन के अंदर नीति बनाकर कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। बोट व्यवसायों ने कहा कि जल्द ही सरकार ने बोटिंग शुरू करवाने को कदम नहीं उठाए, तो वह अपने बोटों को बैंक से लिए गए ऋण की धनराशि पर नीलाम कर सड़कों पर आंदोलन शुरू कर देंगे। इस मौके पर गबर पंवार, दिनेश पंवार, रणवीर महर, अजय बहुुगुणा, वीरेंद्र नेगी, मनोज नेगी, जयपाल सिंह, नरेंद्र रावत, मनीष नेगी, नरेंद्र रावत, शीशपाल कठैत, नरेंद्र जोशी, अजयपाल सिंह, गिरीश भंडारी, प्रदीप भंडारी, कमल पंवार आदि मौजूद थे।