नई टिहरी। टिहरी गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ घाटे से नहीं उबरा तो बंद होने की कगार पर पहुंच जाएगा। संघ में कार्यरत कर्मचारियों को 16 माह से वेतन नहीं मिला है। संघ पर विभिन्न वेतन से लेकर, दुग्ध उत्पादकों, ट्रांसपोर्टरों समेत अन्य का चार करोड़ 39 करोड़ बकाया चल रहा है। संघ के प्रशासक व मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने दुग्ध प्लांट कर निरीक्षण कर आय बढ़ाने के तौर तरीके बताए।
शनिवार को सीडीओ भटगांई सुबह दुग्घ संघ के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने इलैक्ट्रीशियन प्लांट, प्रोडक्शन यूनिट, मुख्य दुग्धशाला, कोल्ड स्टोर समेत कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि संघ को घाटे उभारने के लिए सभी कर्मचारियों को मिलकर प्रयास कर प्रतिदिन तीन हजार लीटर दूध उत्पादन करने, दूध, दही, घी, मक्खन, पनीर, मठ्ठा की गुणवत्ता पर विशेष जोर देने, सीसी टीवी कैमरे लगाने और जिले के प्रमुख सरकारी, गैर शैक्षिक संस्थानों, होटलों, अस्पतालों में दूध की सप्लाई को संपर्क करने के निर्देश दिए। संघ के प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि छह माह से दुग्ध उत्पादकों का 60 लाख का भुगतान न होने से दूध की मात्रा कम हो गई है। उत्पादक बिना भुगतान के दूध देने को तैयार नहीं है, जिससे वर्तमान में केवल 15 सौ लीटर दूध ही आ रहा है। कर्मचारियों, दुग्ध समितियों, ट्रांसपोर्टरों समेत कुल देनदारी चार करोड़ 39 लाख बकाया चल रही है। दुग्ध कर्मचारी संघ के सोबन सिंह पंवार, गिरीश चंद शर्मा, पप्पू लाल समेत कई कर्मचारियों ने बताया कि 16 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण इनके सामने रोजीरोटी का संकट बना हुआ है। वह पैसों के अभाव में बच्चों का दाखिल नहीं करवा पा रहे हैं। सीडीओ ने जल्द वेतन जारी करवाने का भरोसा दिया।