लंबगांव (टिहरी)। ग्राम भेलुंता के छेरदानू तोक में भूस्खलन से खतरे की जद में आए कुछ ही परिवारों को आर्थिक सहायता दिए जाने से गुस्साए अन्य परिवारों ने तहसील पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया। साथ ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्या के निराकरण की मांग की।
शनिवार को भेलुंता छेरदानू के प्रभावित ग्रामीणों ने तहसील पर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2009-10 में आई आपदा के कारण छेरदानू तोक में भूस्खलन हो गया था, जिसके चलते निवासरत 82 परिवार प्रभावित हो गए थे। सरकार ने छेरदानू का भूगर्भीय सर्वे करवाया था। सर्वे में भी पूरे तोक को संवेदनशील बताया गया, लेकिन प्रशासन ने केवल 26 परिवारों को ही आर्थिक सहायता दी, जबकि अन्य परिवारों को छोड़ दिया गया। कहा कि वर्तमान में भी आए दिन भूस्खलन होता रहता है, जिससे ग्रामीण डरे-सहमे हुए हैं। प्रशासन से कई बार छूटे हुए परिवारों को भी आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं, बावजूद शासन-प्रशासन समस्या का गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने सीएम को ज्ञापन भेजकर अन्य परिवारों की भांति अवशेष प्रभावितों को सहायता देने की मांग की। गांव को दोबारा से भू-गर्भीय सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने समस्या का जल्द निराकरण न होने पर बेमियादी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों में हंसराज खंडवाल, केदारदत्त जोशी, केदार शाह, विजय खंडवाल, मंगल लाल, शांति लाल, विनोद कुमार, धनपाल, देवेंद्र लाल, विनीत कुमार, प्रमोद, रोशन, रमेश, गौतम, ज्ञाना, उमा, कमली, सुमन, विमला आदि शामिल थे।