नई टिहरी। जिले में लंबे समय से चल आ रही डाक्टरों की कमी कुछ हद तक दूर हो गई है। जिले को लोक सेवा आयोग से 53 स्थायी डाक्टर और 14 बांडधारी चिकित्सक मिल गए हैं। नियुक्त हुए डाक्टरों ने अपने-अपने तैनाती स्थलों में ज्वाइनिंग दे दी है। अब 67 एमबीबीएस डाक्टरों के आने के बाद उम्मीद है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। जिले में स्वीकृत 226 पदों के सापेक्ष 160 डाक्टर कार्यरत हैं।
टिहरी जिले के प्रतापनगर, भिलंगना, देवप्रयाग, थौलधार समेत अन्य दूरस्थ ब्लाकों के अस्पतालों में डाक्टरों का टोटा बना हुआ था, लेकिन लोक सेवा आयोग और पांच साल के बांड पर एक साथ आए 67 एमबीबीएस डाक्टरों ने कमी को काफी दूर कर दिया है। बांड पर नियुक्त हुए डाक्टर राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर और हल्द्वानी से पासआउट हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नवनियुक्त डाक्टरों को देवप्रयाग, चमियाला, नंदगांव, बेलश्वर, दीनगांव, चंबा, पिलखी, पवकीदेवी, थत्यूड, खाड़ी, नैनबाग, फकोट, नगणी, सत्यौं, छाम, जिला अस्पताल बौराड़ी, हिंडोलाखाल, प्रतापनगर, मदननेगी, गजा, डोबरा पुल, अंजनीसैंण, कीर्तिनगर, कांडीखाल, आछरीकुंड आदि अस्पतालों में तैनात किया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. भागीरथी जंगपांगी ने बताया कि सभी डाक्टरों ने ज्वाइन कर दिया है। अब काफी हद तक चिकित्सकों की कमी दूर हो गई है।