नई टिहरी। रोजगार और मुआवजा देने की मांग को लेकर 16 मई से कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से प्रभावित मंगसू, गूगली, सुरांसू और धारी (थलीसैण) के ग्रामीणों ने धरने को देहरादून सचिवालय शिफ्ट कर दिया है।
सोमवार को उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर ने कलक्ट्रेट परिसर में अनशन शुरू करते हुए सुबह साढ़े 11 बजे ग्रामीणों के साथ देहरादून सचिवालय के लिए कूच किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित एक माह से घर-परिवार छोड़कर अपने जायज मांगों के लिए आंदोलित हैं, लेकिन राज्य सरकार एवं कंपनी प्रबंधन समस्याओं के निराकरण को गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 जून को डीएम की अध्यक्षता में जीवीके प्रबंधन से वार्ता हुई थी। बावजूद जिलाधिकारी ने कंपनी प्रबंधन के दबाव में नजर आई, जिसके चलते समस्याओं के निराकरण पर सहमति नहीं बनी। दौलत कुंवर ने कहा कि प्रभावितों का हक दिलाने के लिए अनशन शुरू किया गया है। इस मौके पर सोहन लाल मुयाल, राजेंद्र मुयाल, श्रीधर श्रेष्ठ, सोहन लाल, राजेश कुमार, भरत लाल, भीमलाल, सोनू, महावीर, सुरेश, रघुवीर, रमेश, राकेश, दुर्गा, राम, समा देवी, रूपा, सुशीला, राजेश्वरी, मीना, भादी, बरदेई, रीना, सरोजनी आदि मौजूद थे।