नई टिहरी। पीएमजीएसवाई की लापरवाही कीर्तिनगर ब्लाक के सारकेणा गांव के लोगों पर भारी पड़ रही है। सड़क नहीं होने से गांव के 250 परिवारों को दो किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। सड़क को वर्ष 2014 में स्वीकृति मिली थी, लेकिन पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने नागराजाधार इंटर कॉलेज से आगे सड़क निर्माण से हाथ खड़े कर दिए।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कीर्तिनगर विकास खंड के सारकेणा ग्राम पंचायत के लिए 14.650 किमी सड़क निर्माण को स्वीकृति मिली। कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई ने सिल्काखाल से लेकर नागराजाधार इंटर कॉलेज तक 5.90 किमी सड़क निर्माण कर आगे का काम छोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों को दो किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं ग्राम पंचायत की कोरदार, चुनार, कोलमारा, गलग्या और बगर आदि तोकों के लोगों को भी सड़क नहीं बनने से चार से पांच किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। कड़ाकोट विकास मंडल के महासचिव राय सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सिल्काखाल-सारकेणा मोटर मार्ग निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। कहा जिस गांव के नाम सड़क स्वीकृत है, वहां तक सड़क नहीं पहुंच पाई है।
कोट
इंटर कॉलेज नागराजाधार से आगे सारकेणा गांव तक सड़क निर्माण का गांव के लोगों ने खुद विरोध किया था। क्योंकि वहां से आगे सड़क निर्माण से कुछ लोगों के आवासीय भवनों को खतरा हो रहा था। इंटर कॉलेज से सारकेणा गांव की दूरी महज 600 मीटर है। सारकेणा गांव के लोगों के विरोध के बाद कफना से सिरसेट तक छह किमी दूसरी सड़क का निर्माण किया गया है। सारकेणा गांव के लोग इसी सड़क से भी आवाजाही करते हैं।
-जेएस रावत, ईई, पीएमजीएवाई खंड कीर्तिनगर