नई टिहरी। बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर के आवागमन को 12 साल से निर्माणाधीन चांठी-डोबरा पुल का निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगने लगी है। पुल निर्माण को चुनौती बने 20-20 टन के 24 रस्से आरपार होने के बाद अब क्लैंप और सस्पेंडर डालने का काम तेजी से किया जा रहा है। सस्पेंडर और क्लैंप का काम निपटने पर जून से मुख्य पुल को जोड़ने का कार्य शुरू हो जाएगा। दिसंबर 2018 से पुल के ऊपर आवागमन शुरू हो सकता है।
वर्ष 2006 से भागीरथी नदी पर बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर और थौलधार को जोड़ने के लिए 760 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया जा रहा है। पूर्व में पुल निर्माण पर एक अरब 32 करोड़ खर्च हुए थे। बावजूद 2011 में मुख्य पुल का डिजाइन फेल होने से कार्य लटक गया था। पूर्ववर्ती सरकार ने 2015 में पुल की डिजाइन कोरियाई कंसलटेंस से तैयार करवाकर एक अरब 49 करोड़ और स्वीकृत किए थे। वर्तमान में पुल को जोड़ने को रस्सों के सहारे दोनों तरफ पांच-पांच मीटर के अंतराल में झील की तरफ क्लैंप और सस्पेंडर डाले जा रहे हैं। अभ्सी 10 सस्पेंडर, 176 क्लैंप डाले जा चुके हैं। मई में सस्पेंडर, क्लैंप का काम निपट जाएगा। सहायक अभियंता एसएस मखलोगा का कहना है कि डोबरा-चांठी पुल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान में क्लैंप और सस्पेंडर डाले जा रहे हैं। जून से मुख्य पुल को जोड़ने का कार्य शुरू हो जाएगा।