नई टिहरी। किसानों की आय दोगुनी करने की योजना को सरकार के अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। मामला प्रतापनगर ब्लॉक के ग्राम आबकी का है, जहां वर्ष 2015 में 15 हेक्टेअर भूमि की तारबाड़ करने के लिए 17 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में काश्तकार जंगली जानवरों के डर से आलू की खेती नहीं कर पा रहे हैं।
सरकार काश्तकारों को खेती से जोड़ने के लिए कई तरह से सहयोग कर रही है, लेकिन अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही से सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। भदूरा पट्टी के ग्राम आबकी में करीब 15 हेक्टेयर भूमि पर आलू की अच्छी पैदावार होती है, लेकिन जंगली सुअर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जानवरों से बचाव के लिए ग्रामीणों की ओर से तारबाड़ लगाने की मांग पर जिला योजना से कृषि विभाग को वर्ष 2015 में 17 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन तारबाड़ का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। पूर्व प्रधान खुशहाल सिंह नेगी ने बताया कि काश्तकार 30 रुपये किलो का बीज लेकर आलू लगाते हैं, जिसे सुअर नष्ट कर देते हैं। मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवाड़ी का कहना है कि आबकी में तारबाड़ लगाने का कुछ काम बचा हुआ है। उस पर डेढ़ लाख रुपये तक खर्च किए जाने हैं। इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।