नई टिहरी। काश्तकारों को जलवायु परिवर्तन की जानकारी देने के लिए बृहस्पतिवार से औद्यानिकी एवं वानिकी विवि भरसार के कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने काश्तकारों को जलवायु परिवर्तन के सापेक्ष फलों और सब्जियों के उत्पादन की संभावनाएं, महत्व एवं प्रबंधन तकनीकी विषयों की जानकारी दी। कार्यक्रम समन्वयक डा. तेजपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में संरक्षित खेती के उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने के लिए अच्छी तकनीकी के उपयोग करने की जरूरत है। पादप रोग विशेषज्ञ डा. लक्ष्मी रावत ने सब्जी में लगने वाले कीटों से इनको बचाने के उपाय बताए। इस मौके पर कृषक उदय सिंह तड़ियाल, रतनमणी बेलवाल, सतीश उनियाल, भगवती प्रसार, शूरवीर सिंह आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो