नरेंद्रनगर (टिहरी)। भगवान बदरी विशाल को चढ़ाया जाने वाले तिलों के तेल को महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह की मौजूदगी में शनिवार को शहर की दर्जनों सुहागिनों ने निकाला। शाम को गाडू घड़ा (तिलों के तेल का कलश) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर इसे ऋषिकेश के लिए रवाना किया गया, जो देर शाम को ऋषिकेश स्थित चैला चेतराम धर्मशाला पहुंची। गाडू घड़े को 30 अप्रैल सुबह 4.30 बजे बदरीनाथ के कपाट खुलने पर गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। डिम्मर धार्मिक पंचायत के सदस्यों ने भोग बनाकर प्रतिकात्मक रूप से भगवान बदरी विशाल को भोग चढ़ाया।
शनिवार को राज पुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल ने राज महल में स्थित मां राज-राजेश्वरी और लक्ष्मी नारायण के मंदिर में पूजा- अर्चना कर महाराजा मनुजयेंद्र शाह, महारानी और टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह के हाथों तिलों के तेल निकालने की परंपरा को आगे बढ़ाया गया। गणेश पूजन, मूसल पूजन, ओखल पूजन और अग्नि पूजन के बाद शहर की दर्जनों सुहागिनों ने पीले वस्त्र धारण कर तिलों को कड़ाई में भूना व ओखली और सिलबट्टा में पिसकर तेल निकाला। देर शाम को गाडू घड़ा कलश की पूजा कर ऋषिकेश के लिए रवाना किया। इस दौरान 11 सौ बत्तियों से आरती की गई। परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान छह माह तक भगवान बदरी विशाल को इसी तेल का लेपन किया जाता है।
इस मौके पर राजकुमारी शिरजा, डिम्मर धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष राकेश डिमरी, सरंपच ज्योतिष डिमरी, हरीश डिमरी, सुधीर डिमरी, अरविंद डिमरी, बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, पालिकाध्यक्ष दुर्गा राणा, विनोद सुयाल, राणा कर्ण प्रकाश जंग आदि उपस्थित रहे।