चंबा (टिहरी)। सुपर हिट नौछमी नारेणा गीत में अपने अभिनय की प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले 72 वर्षीय चर्चित नायक दयालधर तिवाड़ी नहीं रहे। उन्होंने पल्या गों की सुरजा, माया लागी रे और माया का मुंडारू सहित कई गढ़वाली एलबमों के गीतों में अपनी कला का उम्दा प्रदर्शन किया। सोमवार को मैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन पर गढ़वाली फिल्म संगीत और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों में शोक जताया है।
प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के नौछमी नारेणा गीत में चंबा के दयूरी गांव निवासी दयालधर तिवाड़ी ने अहम भूमिका निभाई थी। गीत के साथ ही उनका अभिनय को लोगों ने खूब सराहाया था। यही वजह है कि नौछमी नारेणा के बाद उनके पास कई गढ़वाली एलबमों में काम करने के ऑफर आए। लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि नौछमी नारेणा में बेहतरीन अभिनय के लिए दयालधर तिवाड़ी को हमेशा याद किया जाएगा। उतराखंड फिल्म एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप भंडारी का कहना है कि तिवाड़ी ने सभी गीतों में जीवंत अभिनय किया था। गढ़वाली डायरेक्टर अनिल बिष्ट का कहना है कि तिवाड़ी रुपहले पर्दे के एक मंजे हुए कलाकार थे। पूर्व मंत्री लाखी राम जोशी, लोक गायक पदम गुसाईं, रवि गुसाईं, व्यापार सभा अध्यक्ष दर्मियान सिंह सजवाण, महामंत्री चंद्रशेखर तिवाड़ी, राजेश सेमवाल आदि ने उनके निधन पर शोक जताया है।