कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के सरोट गांव में प्रशासन की ओर से जब्त कर डंप किया गया रेत लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। भवन निर्माण के लिए स्थानीय लोगों को जहां चिन्यालीसौड़ से रेत मंगाना पड़ रहा है, वहीं गांव के पास पड़ा रेत हवा में उड़ रहा है।
वर्ष 2015 में ठेकेदारों ने खनन कर करीब 200 ट्रक से अधिक रेत सरोट गांव के पास डंप कर दिया था। इसकी भनक लगने पर प्रशासन ने डंपिंग को अवैध मानते हुए रेत को कब्जे में लेकर उसकी बिक्री पर रोक लगा दी थी, जो अभी तक उसी स्थान पर पड़ा हुआ है। तेज हवा होने पर रेत लोगों के घरों के भीतर घुस रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान गंभीर सिंह राणा ने कहा कि तीन साल से डंप रेत जहां ग्रामीणों के लिए परेशानियां पैदा कर रहा है, वहीं स्थानीय स्तर पर चुगान पर रोक के कारण लोगों को चिन्यालीसौड़ से 13 हजार रुपये प्रति ट्रक रेत मंगाना पड़ रहा है। जबकि गांव के पास ही काफी रेत बेकार पड़ा हुआ है। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या और जरूरत को देखते हुए सरोट गांव के पास जब्त कर डंप किए गए रेत की नीलामी कराने की मांग की है। इस बाबत एसडीएम चतर सिंह चौहान का कहना है कि इस संबंध में तहसील से रिपोर्ट मंगाकर जल्द ही इसका निस्तारण किया जाएगा।