कंडीसौड़ (टिहरी)। ग्राम रोजगार सेवकों की बैठक में सात माह से मानदेय का भुगतान न होने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया। सरकार से ग्राम रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग की गई।
बुधवार को विकास खंड मुख्यालय में संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद नौटियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्राम रोजगार सेवकों की समस्या के समाधान के लिए संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा वे अल्प मानदेय में मनरेगा योजना के तहत विकास खंडों में सेवाएं देते आ रहे हैं, लेकिन समय पर मानदेय का भुगतान न होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। कहा कि मनरेगा कार्यों के निरीक्षण और श्रमिकों की उपस्थिति देखने के लिए ग्राम रोजगार सेवकों को प्रतिदिन ब्लॉक मुख्यालय से 50 से 100 किमी दूर-दराज के गांवों में जाना पड़ता है। सरकार की ओर से यात्रा भत्ता देने की दिशा में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। बैठक में ग्राम रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी घोषित करने और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। जल्द मानदेय का भुगतान न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई। बैठक में संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम सिंह भंडारी, ओम प्रकाश, योगेश राणा, पूजा जुयाल, अमित चंद, हीरा भट्ट, सुमन सेमवाल, नैन सिंह गुसाईं, राजेंद्र राणा व कुलदीप रावत आदि उपस्थित रहे।