नई टिहरी। टिहरी बांध की झील में नए बोटों के संचालन के लिए पर्यटन विभाग ने नए लाइसेंस जारी करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। जेटी की कमी और सुरक्षा कारणों को देखते हुए पर्यटन विभाग ने यह कदम उठाया है। पर्यटन विभाग का कहना है कि बोट के संचालन के लिए कोटी कालोनी के अलावा नए स्थान चिह्नित करने होंगे, लेकिन झील किनारे अन्य स्थानों पर रास्ते और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में टिहरी झील विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (टाडा) नए स्थान चिह्नित करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
टिहरी बांध की झील में टाडा वर्ष 2014 से व्यवसायिक बोट का संचालन करता रहा है। वर्तमान में 40 लोग झील में बोट का संचालन कर स्वरोजगार की मुहिम में जुटे हुए हैं। नए बोटों के लाइसेंस के लिए 12 लोगों ने पर्यटन विभाग में आवेदन जमा किया है, लेकिन पर्यटन विभाग नए बोटों के लाइसेंस जारी नहीं कर रहा है। टाडा को कोटी कालोनी के अलावा गडोलिया, पिलखी, कंडीसौड़ की तरफ बोटों के संचालन को नए स्थान चिह्नित कर वहां जेटी की व्यवस्था करनी चाहिए।
कोट
जेटी के अभाव में नई बोटों के लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं। बोटों के संचालन के लिए नए स्थान चिह्नित करने होंगे, ताकि जिले के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिल सके।
-सोबत सिंह राणा, जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी
झील में नई बोटों के संचालन के लिए जेटी लगाने के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया है। उम्मीद है कि मार्च में नई जेटी झील किनारे लग जाएगी। उसके बाद ही नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
-चतर सिंह चौहान, अपर मुख्य कार्याधिकारी टाडा