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धनोल्टी को स्मार्ट सिटी बनाने को केंद्र ने दी हरी झंडी

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नई टिहरी। पर्यटन कस्बे धनोल्टी को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। 23 जनवरी को दिल्ली में हुई ग्रामीण विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण बैठक में धनोल्टी के विकास को बनाए गए इंटीग्रेटेड कलस्टर एक्शन प्लान को स्वीकृति मिल गई है। अब क्षेत्र के 13 राजस्व गांव के समग्र विकास पर करीब 52 करोड़ की धनराशि खर्च होगी।
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केंद्र सरकार ने गांवों का विकास शहरों की भांति करने के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुरबन मिशन योजना शुरू की है, जिसमें केंद्र सरकार ने जिले के जौनपुर ब्लाक के धनोल्टी, डांडा की बेली, गोंठ, खनेरी, डांडा, दवाली, उनियालगांव, नौघर, फिडोगी, कालावन ग्राम पंचायतों के 13 राजस्व गांव चयन किया था। ग्राम्य विकास विभाग ने चयनित गांव का सर्वे कर इंटीग्रेटेड कलस्टर एक्शन प्लान तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा था। मंगलवार को दिल्ली में सचिव ग्राम्य विकास अमरदीप सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वीकृति दी गई है। राज्य की ओर से प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार और सीडीओ आशीष भट्ट भी शामिल हुए थे। अब जल्द ही होने वाले विकास कार्यों की डीपीआर तैयार होगी और गांव को स्मार्ट सिटी बनाने की योजनाओं पर काम शुरू होगा। केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर 52 करोड़ की लागत से तीन साल के अंदर गांव को शहर की भांति विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार क्रेटीकल बैग फंडिंग के रूप में 30 फीसदी की अतिरिक्त धनराशि मुहैया करवाएगी। गांव में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, नालियां, पार्क के साथ ही पर्यटन विकास पर महत्वपूर्ण फोकस रहेगा। पर्यटन में वॉक वे, पैतृक घरों को आधुनिक कला से संवार कर उन्हें पर्यटकों के होम स्टे बनाने, रॉक क्लाइमिंग, पारंपरिक व्यंजन, आजीविका संवर्द्धन को शामिल किया गया है।

कोट
दिल्ली में हुई बैठक में इंटीग्रेटेड कलस्टर एक्शन प्लान को स्वीकृति मिल गई है। रुरबन मिशन योजना तीन साल के अंदर पूरी होगी, जिस पर करीब 52 करोड़ खर्च होने हैं। धनोल्टी क्षेत्र को पर्यटन विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।
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-आशीष भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी टिहरी।
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