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कांडी पंपिंग योजना पर बजट का लगा ब्रेक

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नैनबाग (टिहरी)। जल ही जीवन हैं का नारा देने वाली सरकारें अठजुला क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रही हैं। इस वर्ष भी गर्मी में जौनपुर विकासखंड के सिलवाड़ पट्टी के अठजुला क्षेत्र के लोगों को पानी नसीब होने की उम्मीद नहीं है। सड़ब खडड और खिला गाड़ से पेयजल आपूर्ति के लिए प्रस्तावित की गई आठ करोड़ 68 लाख 87 हजार की कांडी पंपिंग योजना बजट के अभाव में अधर में लटक गई। कार्यदायी संस्था जल निगम ने कांडी पेयजल योजना निर्माण करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति विभाग (एनआरडीडब्ल्यूपी) को भेजा है।
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जौनपुर ब्लाक के सिलवाड पट्टी के कांडी, बेल, परोगी, सड़ब तल्ला, मल्ला गांव के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। गांवों में निवासरत 350 परिवारों की प्यास बुझाने वाली तयाडे पाइप लाइन का स्रोत सूखने से यह स्थिति पैदा हुई है। गांव के लोगों को तीन किमी दूर सड़ब खडड और खिला गाड़ से पानी ढोना पड़ता है। गत वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सड़ब खडड और खिला गाड़ से पेयजल आपूर्ति के लिए कांडी पंपिंग योजना के लिए आठ करोड़ 68 लाख 87 हजार की स्वीकृति दी थी, लेकिन धनावंटन नहीं होने के कारण फाइल शासन में धूल फांकती रही। हालांकि गर्मी के सीजन में जल संस्थान की ओर से एक टाइम टैंकर से पानी दिया जाता हैं, जब टैंकर नहीं आता तो ग्रामीणों को तीन किमी दूर से पानी ढोना पड़ता है।
जल निगम चंबा के अधिशासी अभियंता आलोक कुमार का कहना है कि राज्य सेक्टर में बजट न होने के कारण कांडी पंपिंग योजना को केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति (एनआरडीडब्ल्यूपी) के अंतर्गत रखा गया हैं। पूर्व में जो आठ करोड़ 68 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, उसमें अब जीएसटी के कारण रेट रिवाइज करने के लिए दोबारा से प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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