नई टिहरी। अधर में लटकी योजनाओं को पूरा करने के लिए जहां प्रदेश सरकार बजट के अभाव से जूझ रही है, वहीं लोनिवि कीर्तिनगर क्वीली-मोल्ठा सड़क की लंबाई बढ़ाकर सरकार पर आर्थिक बोझ डालने का प्रयास कर रहा है। विभाग के इस रवैए से नाराज ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर लोगों के साथ ज्वाइंट सर्वे कराने के बाद सर्वसम्मत से तय एलाइनमेंट के अनुरूप ही निर्माण शुरू कराने की मांग की है।
देवप्रयाग ब्लॉक के हिंसरियाखाल पट्टी में क्वीली के तल्ली मछियारी से मोल्ठा तक सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली है, लेकिन लोनिवि ग्रामीणों की राय को दरकिनार कर जबरन फॉरेस्ट लैंड से सड़क ले जाने पर तुला हुआ है। ग्राम मछियारी के पूर्व प्रधान सूरतमणी पालीवाल ने बताया कि विभाग ने जहां से सर्वे किया है, वहां से मछियारी तल्ला व मल्ला वासियों को ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा। फॉरेस्ट लैंड को छोड़कर मछियारी गांव के बीच सिविल भूमि से सड़क निर्माण किया जाता है, तो डेढ़ किमी सड़क बनाकर मोल्ठा पहुंचा जा सकता है। वहां से कोई भी आपत्ति नहीं है, जबकि वन भूमि में चार किमी सड़क बनाई जाती है, तो वहां तो काश्तकारों अपना विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने इसकी जांच कर ग्रामीणों की राय पर ही सड़क का सर्वे कर निर्माण कराने की मांग की है। इस पर डीएम सोनिका ने लोनिवि को ग्रामीणों के साथ ज्वाइंट सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
सड़क को लेकर स्थानीय लोगों का आपसी विवाद है, बावजूद मौके पर जाकर जो सर्वसम्मत से निर्णय लिया जाएगा। उसी एलाइनमेंट से सड़क बनाई जाएगी।
-जगमोहन चौहान, ईई लोनिवि कीर्तिनगर