चंबा (टिहरी)। एसआरटी परिसर बादशाहीथौल के छात्र संघ अध्यक्ष की इंटर मीडिएट परीक्षा की फर्जी अंक तालिका के मामले में सबकी निगाहें विवि कुलपति की जांच पर गढ़ी हुई हैं। विवि की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही छात्र संघ अध्यक्ष के पद और प्रवेश प्रक्रिया पर कोई निर्णय लिया जाएगा। विवि के प्रभारी कुलपति प्रो.एबी भट्ट ने इस मामले में 15 जनवरी के बाद ही अपनी रिपोर्ट देने की बात कही है। दूसरी ओर, एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने विवि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र संघ अध्यक्ष का बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश है तो विवि ने उसे किस आधार पर बीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।
एसआरटी परिसर बादशाहीथौल के छात्र संघ अध्यक्ष सुशील रावत की इंटरमीडिएट की मार्कशीट को ग्रेवांस सेल ने जांच कर फर्जी पाई थी। जिस पर ग्रेवांस सेल ने अपनी रिपोर्ट विवि कुलपति को भेज दी। बुधवार को छात्र संघ अध्यक्ष सुशील रावत ने मामले में एक तरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए वीसी से दोबारा से जांच कराने की अपील की है। ऐसे में अब विवि के कुलपति की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही छात्र संघ अध्यक्ष का पद और प्रवेश पर कोई निर्णय लिया जाएगा। कुलपति प्रो.भट्ट ने संपर्क करने पर बताया कि वे मामले की जांच कर रहे है। 15 जनवरी के बाद ही इस मामले में निर्णय सुनाया जाएगा।
दूसरी ओर, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष सौरभ तडियाल, प्रदीप सकलानी, अनिल रमोला, आदर्श भट्ट, हरि ओम भट्ट, आदित्य भट्ट, कपिल रावत, अंकुश जोशी ने परिसर निदेशक के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया है कि परिसर के अधिकारी छात्र संघ अध्यक्ष का बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश होने की बात कह रहे है। लेकिन अध्यक्ष ने बीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दी है। यदि अध्यक्ष का बीएससी में प्रवेश है तो उसे किस आधार पर बीए की परीक्षा में बैठने दिया गया। इस मामले में परिसर निदेशक प्रो. आरसी रमोला का कहना है कि छात्र संघ अध्यक्ष बीएससी का छात्र है। परीक्षा फार्म आन लाइन भरे जाते है। यदि अध्यक्ष सुशील रावत ने परीक्षा फार्म में बीए अपने आप भरा है, इस गलती के लिए छात्र खुद जिम्मेदार है।