चंबा (टिहरी)। एसआरटी परिसर बादशाहीथौल में एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने छात्रसंघ अध्यक्ष की इंटरमीडिएट की अंकतालिका पर सवाल उठाए। ग्रेवांस सेल ने अध्यक्ष की अंकतालिका की गहन जांचकर इसे फर्जी बताया। सेल ने अध्यक्ष का बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश व चुनाव निरस्त करने के लिए कुलपति को रिपोर्ट भेज दी है। वहीं, अध्यक्ष अब 24 घंटे की भीतर अपीलीय अधिकारी कुलपति के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रवेश और चुनाव निर्वाचन निरस्त करने पर अंतिम निर्णय कुलपति सुनाएंगे।
एनएसयूआई छात्रों ने ग्रेवांस सेल में शिकायत दर्ज कराई थी कि छात्रसंघ अध्यक्ष की इंटर की अंकतालिका फर्जी है। प्रवेश समिति ने बिना अंकतालिका जांच के प्रवेश दिया है। ग्रेवांस सेल ने मामले की जांच पड़ताल की, तो सच्चाई सामने आई है। छात्रसंघ अध्यक्ष सुशील रावत ने बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेते वक्त विवि में इंटरमीडिएट काउंसिल फॉर एजूकेशन बोर्ड की अंकतालिका प्रस्तुत की थी। परीक्षा बोर्ड पंजाब का है, लेकिन छात्र की अंकतालिका में परीक्षा केंद्र श्रीनगर गढ़वाल का जीसीटी सेंटर अंकित था।
ग्रेवासं सेल ने श्रीनगर स्थित जीसीटी सेंटर को सुशील रावत कीपरीक्षा के संबंध में पत्राचार कर जानकारी मांगी, लेकिन सेंटर से विवि को कोई भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। वेबसाइट पर इंटरमीडिएट काउंसिल फॉर एजूकेशन बोर्ड के जो फोन नंबर अंकित थे। उन पर भी ग्रेवांस सेल ने फोन किया, लेकिन कोई भी टेलीफोन नंबर नहीं लगा। ग्रेवांस सेल की संयोजक प्रो. सुनीता गोदियाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच के बाद अध्यक्ष की इंटरमीडिएट अंकतालिका फर्जी है। जांच रिपोर्ट विवि के कुलपति को भेज दी गई है। अब प्रतिवादी अपना पक्ष 24 घंटे के भीतर कुलपति के पास रख सकते हैं।
क्या है ग्रेवांस सेल
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के तहत छात्रसंघ चुनाव को निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए प्रत्येक महाविद्यालय में ग्रेवांस सेल का गठन किया गया है। ग्रेवांस सेल में दो वरिष्ठ प्रोफेसर और दो छात्र प्रतिनिधि होते हैं। छात्रसंघ चुनाव के निर्वाचन संबंधी किसी भी शिकायत को छात्र-छात्राएं ग्रेवांस सेल में दर्ज करने का अधिकार है। शिकायत मिलने पर ग्रेवांस सेल मामले में जांच पड़ताल कर इसकी रिपोर्ट विवि के अपीलीय अधिकारी कुलपति को भेजते हैं।