चंबा (टिहरी)। जनवरी आते ही मौसम ने करवट बदल ली है। दोपहर में धूप में गर्मी कम हो गई है, जबकि सुबह और शाम को ठंडी हवा चल रही है। इन दिनों रात को पारा दो डिग्री से भी नीचे लुढ़क गया है। रात में पाला गिरने से हेंवलघाटी और चंबा-मसूरी फलपट्टी में गेहूं, जौ, मसूर, आलू आदि फसलों को भी नुकसान होने लगा है।
दिसंबर अंतिम सप्ताह तक मौसम का मिजाज थोड़ा गर्म था, लेकिन जनवरी की शुरूआत होते ही पश्चिमी विक्षोभों के कारण सुबह और शाम को ठंड बढ़ गई है। दिन के तापमान 10 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है। 31 दिसंबर को अधिकतम तापमान 17 डिग्री था, तो न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री था। इसके बाद दिन का पारा लुड़कते हुए 2 जनवरी को अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान गिरने के कारण रात के समय में ओंस फसलों में जमकर पाला बन रही है। काश्तकार सुरेंद्र सिंह नेगी, राकेश सिंह का कहना है कि पाला फसलों को नुकसान पहुंचाने लगा है। पहले तो इस साल बारिश कम हुई है। खेतों में गेहूं, मसूर, सब्जियां, जौ, आलू की फसल पाले के कारण उगने से पहले ही सूखने लगी है। औद्यानिकी एवं वानिकी विवि रानीचौरी परिषद के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी प्रकाश नेगी का कहना है कि अधिक पाला पड़ने से फसलों की ग्रोथ रुक जाती है। साथ ही आलू की फसल में झुलसा रोग होने की संभावना बन जाती है। ऐसे में सुरक्षा के लिए किसानों को समय-समय पर हल्की सिंचाई और दवाओं का छिड़काव करना चाहिए।
पाले में रपट रहे दुपहिया वाहन
चंबा-नई टिहरी, चंबा-मसूरी मोटर मार्ग मेें पाला दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी समस्या पैदा कर रहा है। मार्ग में कई स्थानों में पानी के ऊपर पाला जमने के कारण दोपहिया वाहन चालक रपट रहे हैं।