घनसाली (टिहरी)। महज 10 किमी सड़क नहीं बनने से भिलंग पट्टी के गेंवली और पजगांव के लोगों को करीब 10 किमी की पैदल चढ़ाई तय करनी पड़ रही है। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हो पाई। वहीं विभाग का कहना है कि सड़क निर्माण में वन भूमि अडे़ आ रही है। अनुमति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
गेंवली गांव सड़क से दूर होने के कारण लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरसना पड़ रहा है। गांव को सड़क से जोड़ने की करीब पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन सीएम ने घोषणा की थी, लेकिन आजतक इस पर अमल नहीं हो पाया। गांव के गोपाल सिंह रावत ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर विभाग को कई बार कहा गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं देने से गांवों की करीब 500 आबादी करीब दस किमी की खड़ी चढ़ाई पार करने को मजबूर हैं। उत्तम सिंह, सूरत सिंह ने कहा कि पलायन से खाली गांव सड़क से जोड़े जा रहे हैं, लेकिन जहां लोग निवास कर रहे हैं उन गांवों की उपेक्षा की जा रही है। गेंवली गांव की सुंदरता देख सर्वोदयी मीरा बहन तो आश्रम बनाकर यहीं रहने लगी और लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने लगी।
सड़क निर्माण में आ रही वन भूमि की एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया है। हालांकि शासन से सड़क निर्माण की वित्तीय स्वीकृति भी नहीं मिली है। बावजूद वन विभाग की अनुमति मिलने पर ही काम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
- एनएल बर्मा, ईई लोनिवि घनसाली।