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अब छात्र संघ चुनाव कराने की मुसीबत

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चंबा (टिहरी)। परीक्षा पैटर्न की मुसीबत से भले ही श्रीदेव सुमन बाहर निकल गया है, लेकिन अब छात्र संघ चुनाव संपन्न कराना विवि के लिए चुनौती बन गया है। क्योंकि नए शिक्षा सत्र जुलाई 2018 से विवि राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में छात्र-छात्राओं को दाखिला दिलाने जा रहा है। इन्हीं राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक द्वितीय, तृतीय वर्ष और स्नातकोत्तर फाइनल में गढ़वाल विवि के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत रहेंगे। ऐसे में राजकीय महाविद्यालयों में कौन विवि छात्रसंघ चुनाव कराएगा यह टेढ़ी खीर बन गई है।
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गढ़वाल मंडल के 52 राजकीय महाविद्यालयों के श्रीदेव सुमन विवि से संबद्धता होने के बाद विवि की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। संबद्धता देने के पहले चरण में विवि परीक्षा पैटर्न को लेकर मुसीबत में फंस गया था। गढ़वाल विवि में सीबीसीएस (च्वॉइस बेस) पैटर्न लागू है। यहां छात्र अपनी इच्छानुसार विषयों का चयन करता है, जबकि श्रीदेव सुमन विवि में सेमेस्टर प्रणाली लागू है। सेमेस्टर पैटर्न में छात्रों के सामने विवि द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की बाध्यता है। सेमेस्टर और सीबीसीए पैटर्न की दुविधा से भले ही श्रीदेव सुमन विवि ने बाहर निकलकर सेमेस्टर पैटर्न लागू करने का निर्णय ले लिया है, लेकिन अब राजकीय महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराना विवि के लिए गले की फांस हो गया है।
छात्रसंघ चुनाव कराने को लेकर कई तरह के तकनीकी पेंच हैं। यदि विवि स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं के बीच चुनाव कराता है, तो द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों का चुनाव क्या गढ़वाल विवि कराएगा। यदि ऐसा होता है कि एक महाविद्यालय में दो-दो छात्रसंघ पदाधिकारी कैसे हो सकते हैं।
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कोट
छात्रसंघ चुनाव कराने को लेकर विधि विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। एक कमेटी का गठन किया गया है, जो छात्र संघ चुनाव के लिए सभी पहलुओं का अध्ययन करेंगी।
-डा. यूएस रावत, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि
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