नई टिहरी। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों को संबद्धता पाने के लिए अब शासन के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कॉलेजों के निरीक्षण के बाद विवि सीधे संबद्धता प्रदान करेगा। छात्रहितों को ध्यान में रखते हुए कुलाधिपति ने संबद्धता (एफिलेशन) प्रक्रिया को सरल करने को हरी झंडी दे दी है। अपर मुख्य सचिव ने 20 दिसंबर को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। विवि स्तर से संबद्धता देने का सबसे अधिक लाभ श्रीदेव सुमन और कुमाऊं विवि को मिलेगा।
विवि से संबद्धता पाने के लिए राजकीय महाविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों को अब तक शासन के कई चक्कर काटने पड़ते थे। क्योंकि संबद्धता के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। विवि और शासन की ओर से कॉलेजों में पैनल टीम निरीक्षण रिपोर्ट भेजने के बाद भी डेढ़ से दो साल तक संबद्धता का इंतजार करना पड़ता था। छात्र हितों और संस्थान हित को देखते हुए कुलाधिपति ने संबद्धता की प्रक्रिया को सरलीकृत बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह ने इस संबंध में 20 दिसंबर को शासनादेश जारी कर श्रीदेव सुमन विवि और कुमाऊं विवि के कुलपति को पत्र जारी किया है।
श्रीदेव सुमन विवि से वर्तमान में 180 कॉलेज संबद्ध हैं। नए शिक्षा सत्र 2018-19 में संबद्धता पाने के लिए पांच कॉलेजों ने आवेदन किया है। संबद्धता की लाइन में खड़े नए शिक्षण संस्थानों को अब संबद्धता पाने के लिए शासन स्तर पर भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विषय विशेषज्ञों और पैनल रिपोर्ट मिलने के बाद विवि को सीधे संबद्धता देनी होगी।