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भल्डियाना-मोटणा रोपवे का निर्माण 11 साल बाद भी नहीं हुआ पूरा

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नई टिहरी। बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर के करीब दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों के आवागमन को 2006 से बनाए जा रहे भल्डियाना-मोटणा रोपवे का निर्माण 11 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे बांध प्रभावित 30 किमी अतिरिक्त दूरी तय कर सफर करने को मजबूर हैं। जनप्रतिनिधियों ने जल्द रोपवे का निर्माण पूरा करवाने के लिए बजट आवंटन की मांग की है।
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टिहरी बांध की झील बनने के कारण आवागमन में परेशानियां झेल रहे प्रतापनगर के लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने 2006 में भल्डियाना-मोटणा रोपवे स्वीकृत कर छह माह में निर्माण पूरा करवाने का लक्ष्य रखा था। बावजूद समय पर निर्माण पूरा नहीं होने के चलते निर्माण की लागत में लगातार बढ़ोत्तरी होती गई। टीएचडीसी ने रोपवे निर्माण को दो करोड़ 15 लाख दिए, जो धनराशि वर्तमान में खर्च हो चुकी है। वर्तमान में टिकट घर, यात्री शेड, शौचालय समेत अन्य निर्माण को पूरा करवाने को करीब दो करोड़ 46 लाख की जरूरत है। आरएल नौ सौ मीटर की ऊंचाई पर बनने वाले एक किमी लंबे 16 सीटर रोपवे के निर्माण होने से रैका समेत कई पट्टी के दो दर्जन गांव के लोगों को आवाजाही में 30 किमी की सुविधा होती। जिला पंचायत सदस्य आनंद रावत ने बताया कि 11 साल बाद भी रोपवे नहीं बनने के कारण जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। डीएम सोनिका ने टीएचडीसी के अधिकारियों को बजट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
कोट
टीएचडीसी को रोपवे के अवशेष निर्माण को पूरा करवाने को दो करोड़ 46 लाख का प्रस्ताव भेजा है। इस संबंध में कई दौर की बैठक भी हो चुकी है। उम्मीद है कि जल्द बजट मिलेगा।
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-आरएस रौतेला, सहायक अभियंता लोनिवि चंबा।
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